ही वेबसाइट मराठी मध्ये पाहायची? होय, बदला

जयदेव जयदेव जय भैरवराया

भैरव की आरती

देवता: श्री भैरव

मूल पाठ

पवित्र पाठ मूल भाषा में ही दिया गया है।

जयदेव जयदेव जय भरवराया । इच्छा वाटतसे बहु तुझे गुण गाया ॥धृ॥ कैलासाहुनि येणें केलें सत्वर । काळभैरवरूपें घेउनि अवतार ॥ पंचक्रोशीमाजी पापाचे भार । दंडुनिया भक्ताचा करिसी उद्धार ॥ जय ॥१॥ काशीक्षेत्राचा बहु केला प्रतिपाळ । ह्मणवुनि तुज ह्मणती श्रीक्षेत्रपाळा । अखंड हस्तकिं शोभे डमरु त्रिशूळ । सर्वहि छेदन केलें असुराचें कूळ ॥२॥ अश्वारूढ होउनि पृथ्वीच्या वरी । निजदासाचें रक्षण करिसि बहुपरी ॥ स्वच्छंदानें येउनिया कृष्णातीरीं । शरणागत नीरंजन आरती करी ॥३॥

पूजा बुक करनी है?

अनुभवी, सत्यापित पंडित पूर्ण वैदिक विधि से पूजा करेंगे।

पूजा बुक करें

अन्य देवता — आरतियाँ

12 आरतियाँ
🙏

पुरोहित की प्रोफ़ाइल देखें

पुरोहित की पूरी प्रोफ़ाइल, जानकारी, सेवाएँ, फ़ोटो, समीक्षाएँ और उपलब्धता देखने और इन्हीं पुरोहित की पूजा बुक करने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ या लॉगिन करें।

VedPurohit ऐपपंचांग, आरती, पूजा बुकिंग और कुंडली — मोबाइल पर, इंटरनेट के बिना भी। ऐप डाउनलोड करें

WhatsApp पर मदद

खाता बनाए बिना पूछें — हमारी टीम WhatsApp पर जल्दी जवाब देगी।

किस बारे में मदद चाहिए?

कौन-सी पूजा, कब और कहाँ — हम सही पंडित और दक्षिणा बताएँगे।

संदेश ऐसा जाएगा
WhatsApp पर भेजें

"भेजें" दबाने पर यह संदेश WhatsApp में खुलेगा; वहाँ आप इसे बदल सकते हैं।