सभी पूजा सेवाएँ
हर अनुष्ठान के लिए अनुभवी, सत्यापित पंडित — शुद्ध वैदिक विधि से, आपके घर पर।
33 पूजाएँ
श्री गणेश पूजा
विघ्नहर्ता की आराधना — हर शुभ कार्य की शुरुआत
सत्यनारायण पूजा
भगवान विष्णु की कृपा — सुख, समृद्धि और शांति के लिए
गृहप्रवेश विधि
नए घर का पवित्र स्वागत — वास्तु शांति और गृहलक्ष्मी पूजन
विवाह विधि
सप्तपदी और मंगलाष्टक — जन्म-जन्मांतर का पवित्र बंधन
नवग्रह शांति
नौ ग्रहों के दोष का निवारण — कुंडली दोष शांति
वास्तु शांति
घर, दुकान और कारखाने के वास्तु दोष का निवारण
श्री लक्ष्मी पूजा
धन, समृद्धि और वैभव के लिए — दिवाली और शुक्रवार विशेष
रुद्राभिषेक
महादेव का अभिषेक — शांति, स्वास्थ्य और मोक्ष के लिए
कालसर्प शांति
राहु-केतु दोष निवारण — त्र्यंबकेश्वर विशेष विधि
मुंडन संस्कार
शिशु के पहले बाल — जीवन का शुभारंभ
उपनयन संस्कार (जनेऊ)
द्विजत्व संस्कार — गायत्री दीक्षा और ब्रह्मचर्य का आरंभ
पितृपक्ष श्राद्ध
पूर्वजों का तर्पण — पितृ ऋण चुकाने की पवित्र विधि
सुंदरकांड पाठ
हनुमान जी का स्मरण — संकट निवारण और मनोकामना पूर्ति
नवचंडी हवन
माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना — शक्ति और रक्षा के लिए
नामकरण संस्कार
शिशु का शुभ नाम — कुंडली के अनुसार सार्थक नामकरण
नवरात्रि उत्सव पूजा
घटस्थापना से विसर्जन तक — नौ दिन देवी पूजन
मंगलचंडी पाठ
चंडिका देवी की आराधना — विशेष संकट निवारण के लिए
नए वाहन की पूजा
नई गाड़ी की शुभ शुरुआत — सुरक्षित यात्रा का आशीर्वाद
श्री गणेश अभिषेक (अथर्वशीर्ष आवर्तन)
अथर्वशीर्ष के २१ / १०८ / १००० आवर्तनों के साथ बप्पा का अभिषेक
लघुरुद्र अभिषेक
११ पुरोहितों द्वारा रुद्र के १२१ आवर्तन — शिव का महाअभिषेक
सत्यविनायक पूजा
सत्यनारायण की तरह गणपति की व्रत पूजा व कथा
मंगलागौरी पूजा
श्रावण के मंगलवार को नवविवाहिताओं की गौरी पूजा
उदकशांति
पवित्र कलश के जल से घर व परिवार की शांति
भूमि पूजन
नए घर या भवन के निर्माण की शुभ शुरुआत
दुकान / ऑफिस उद्घाटन पूजा
नए व्यवसाय की शुभ शुरुआत — गणपति, लक्ष्मी व कुबेर पूजन
सगाई (साखरपुडा) विधि
वाग्दान — विवाह से पहले का मंगल विधि
षष्ठ्यब्दपूर्ति शांति (६१वाँ जन्मदिन)
आयु के ६० वर्ष पूरे होने पर आयु व स्वास्थ्य के लिए शांति
महामृत्युंजय जाप
स्वास्थ्य व संकट मुक्ति के लिए संकल्पित महामृत्युंजय मंत्र जाप
हरतालिका तीज पूजा
भाद्रपद शुक्ल तृतीया को शिव-पार्वती की व्रत पूजा
वट सावित्री पूजा
ज्येष्ठ पूर्णिमा को बरगद व सावित्री की पूजा
गौरी आवाहन व पूजन
गणेशोत्सव में ज्येष्ठा-कनिष्ठा गौरी का आगमन व पूजा
सीमंतोन्नयन (गोद भराई) संस्कार
गर्भवती माता व शिशु के स्वास्थ्य के लिए संस्कार
दशगात्र व तेरहवीं विधि
दिवंगत आत्मा की शांति के लिए उत्तरक्रिया
इस खोज के लिए कोई पूजा नहीं मिली।
बुकिंग कैसे होती है?
पूजा का प्रकार, तारीख और स्थान बताएँ — सिर्फ़ 2 मिनट में। आपके क्षेत्र के सत्यापित पंडित पुष्टि करते हैं। बुकिंग आईडी से स्थिति देखें।