कालसर्प शांति
राहु-केतु दोष निवारण — त्र्यंबकेश्वर विशेष विधि
₹3,500 – ₹9,000
3 से 5 घंटे
पूजा के बारे में
कालसर्प दोष कुंडली में सभी ग्रहों के राहु और केतु के बीच आने पर बनता है; इससे जीवन में लगातार संघर्ष, असफलता, आर्थिक कठिनाई और मानसिक कष्ट होते हैं। त्र्यंबकेश्वर में इस शांति का विशेष महत्व है। पूजा में नाग पूजन, सर्प सूक्त पाठ, महामृत्युंजय जाप और रुद्राभिषेक होते हैं। कालसर्प दोष बारह प्रकार के होते हैं — अनंत, कुलिक, वासुकी, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखचूड़, घातक, विषधर, शेषनाग — हर प्रकार की अलग विधि है। यह घर पर या तीर्थस्थान पर की जा सकती है।
लाभ
- कालसर्प दोष पूरी तरह शांत
- आर्थिक कठिनाई और कर्ज़ दूर
- विवाह में देरी दूर
- संतान प्राप्ति की बाधाएँ दूर
- अचानक संकटों से रक्षा
- करियर और व्यवसाय में प्रगति
- साँपों के सपने आना बंद
पूजा सामग्री
- नाग-नागिन मूर्ति (चाँदी की)
- दूध
- शहद
- सफ़ेद फूल
- बिल्वपत्र
- रुद्राक्ष
- नागबेल के पत्ते
- नारियल
- घी
- समिधा
- काले तिल
- गंगाजल
- पंचगव्य
- हवन कुंड
अनुमानित कीमत₹3,500 से
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