गृहप्रवेश विधि
नए घर का पवित्र स्वागत — वास्तु शांति और गृहलक्ष्मी पूजन
₹5,000 – ₹15,000
4 से 6 घंटे
पूजा के बारे में
गृहप्रवेश हिंदू संस्कारों का एक महत्वपूर्ण विधि है। नए घर में रहने से पहले वास्तुपुरुष पूजा, नवग्रह शांति, गणेश पूजन और गृहलक्ष्मी पूजन — ये सभी विधियाँ एक साथ की जाती हैं। इनसे घर की नकारात्मक शक्तियाँ दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा स्थिर होती है। वास्तुशांति में षोडश मातृका पूजन, पुण्याहवाचन और हवन मुख्य अंग हैं। पूजा के बाद घर में दाहिने पैर से प्रवेश करें, दूध उफनाएँ, दीप जलाएँ — ये परंपराएँ घर को शुभ बनाती हैं और वर्षों तक सुख-समृद्धि बनाए रखती हैं।
लाभ
- वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
- घर में लक्ष्मी और समृद्धि आती है
- परिवार का स्वास्थ्य अच्छा रहता है
- घर में शांति और आनंद
- बच्चों की पढ़ाई और करियर में प्रगति
- पति-पत्नी में प्रेम और सामंजस्य
- घर के पंचमहाभूत संतुलित होते हैं
पूजा सामग्री
- नारियल (11)
- आम के पत्ते
- तांबे का कलश
- दूध (5 लीटर)
- हल्दी-कुमकुम
- फूलों की मालाएँ
- अक्षत
- गुड़-खोपरा
- धूप-ऊद
- पंचगव्य
- गोमूत्र
- लाल वस्त्र
- पीला वस्त्र
- घंटी
- नवधान्य
- गोबर
- सप्तमृत्तिका
- सप्तधान्य
अनुमानित कीमत₹5,000 से
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