दशगात्र व तेरहवीं विधि
दिवंगत आत्मा की शांति के लिए उत्तरक्रिया
₹5,000 – ₹15,000
१० से १३वें दिन तक (रोज़ २-३ घंटे)
पूजा के बारे में
निधन के बाद दसवें दिन दशगात्र (पिंडदान), ग्यारहवें दिन एकादशाह, बारहवें दिन सपिंडीकरण और तेरहवें दिन शांति व भोज — उत्तरकार्य की ये विधियाँ शास्त्रानुसार की जाती हैं। पुरोहित नदी किनारे / घाट पर या घर पर उचित मंत्रों से विधि करवाते हैं और परिवार को हर चरण का मार्गदर्शन देते हैं।
लाभ
- आत्मा को सद्गति
- शास्त्रोक्त उत्तरक्रिया
- परिवार को मानसिक सहारा
- पितृ ऋण से मुक्ति
- उचित मार्गदर्शन
पूजा सामग्री
- चावल व जौ (पिंडों के लिए)
- काले तिल
- कुशा
- तांबे का पात्र
- सफेद वस्त्र
- घी
- शहद व दूध
- फूल
- तुलसी के पत्ते
- दीया व अगरबत्ती
- दक्षिणा
अनुमानित कीमत₹5,000 से
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