वट सावित्री पूजा
ज्येष्ठ पूर्णिमा को बरगद व सावित्री की पूजा
₹1,100 – ₹2,100
१ से १.५ घंटे
पूजा के बारे में
सावित्री ने सत्यवान के प्राण यमराज से वापस लाए — इस कथा की स्मृति में ज्येष्ठ पूर्णिमा को सुहागिनें वटवृक्ष की पूजा करती हैं। बरगद पर सूत के सात फेरे लपेटकर, हल्दी-कुमकुम, फूल, फल और आम अर्पित कर सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी जाती है। पति की दीर्घायु और सात जन्म यही जीवनसाथी मिले, इसके लिए यह व्रत है।
लाभ
- पति की दीर्घायु
- अखंड सौभाग्य
- सुखी गृहस्थी
- परंपरा का पालन
- व्रत का पुण्य
पूजा सामग्री
- कच्चा सूत
- हल्दी-कुमकुम, अक्षत
- फूल व माला
- आम व फल
- गोद भराई सामग्री (ब्लाउज पीस, नारियल, चावल)
- पानी का लोटा
- दीया व अगरबत्ती
- नैवेद्य
- पान, सुपारी
अनुमानित कीमत₹1,100 से
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