ही वेबसाइट मराठी मध्ये पाहायची? होय, बदला

जय जय सच्चित्स्वरूप स्वामी गणराया

गजानन महाराज की आरती

देवता: संत गजानन महाराज

मूल पाठ

पवित्र पाठ मूल भाषा में ही दिया गया है।

जय जय सच्चित्स्वरूप स्वामी गणराया । अवतरलासी भूवर जड मूढ ताराया ॥ धृ॥ निर्गुण ब्रह्म सनातन अव्यय अविनाशी । स्थिरचर व्यापुन उरले जे या जगतासी ॥ तें तूं खरोखर निःसंशय अससी । लीलामात्रें धरिलें मानव देहासी ॥ १॥ होऊं न देशी त्याची जाणिव तूं कवणा । करुनी गणि गण गणात बोते या भजना ॥ धाता हरिहर गुरुवर तूंचि सुखसदना । जिकडे पहावे तिकडे तूं दिससी नयना ॥ २॥ लीला अनंत केल्या बकटसदनास। पेटविले त्या अग्नीवांचुनि चिलमेस ॥ क्षणांत आणिले जीवन निर्जल वापीस । केला ब्रह्मगिरीच्या गर्वाचा नाश ॥ ३॥ व्याधि वारुन केले कैंकां संपन्न । करविलें भक्तांलागी विठ्ठल दर्शन ॥ भवसिंधु हा तरण्या नौका तव चरण । स्वामी दासगणूचे मान्य करा कवन ॥ ४॥

पूजा बुक करनी है?

अनुभवी, सत्यापित पंडित पूर्ण वैदिक विधि से पूजा करेंगे।

पूजा बुक करें

संत और ग्रंथ — आरतियाँ

14 आरतियाँ
🙏

पुरोहित की प्रोफ़ाइल देखें

पुरोहित की पूरी प्रोफ़ाइल, जानकारी, सेवाएँ, फ़ोटो, समीक्षाएँ और उपलब्धता देखने और इन्हीं पुरोहित की पूजा बुक करने के लिए मुफ़्त खाता बनाएँ या लॉगिन करें।

VedPurohit ऐपपंचांग, आरती, पूजा बुकिंग और कुंडली — मोबाइल पर, इंटरनेट के बिना भी। ऐप डाउनलोड करें

WhatsApp पर मदद

खाता बनाए बिना पूछें — हमारी टीम WhatsApp पर जल्दी जवाब देगी।

किस बारे में मदद चाहिए?

कौन-सी पूजा, कब और कहाँ — हम सही पंडित और दक्षिणा बताएँगे।

संदेश ऐसा जाएगा
WhatsApp पर भेजें

"भेजें" दबाने पर यह संदेश WhatsApp में खुलेगा; वहाँ आप इसे बदल सकते हैं।